एक ऐसी पद्धति है जो प्रक्रिया को आसान बनाती है और एक गतिविधि प्रति फोकस करती है जो मूल्य वर्धित होती है गैर मूल्य वर्धित गतिविधि को खत्म करती है इसका उद्देश्य ग्राहक को अच्छी गुणवत्ता वाला उत्पाद देना लगता है पर काम करना और उत्पादन प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाना है इसकी शुरुआत टोयोटा प्रोडक्शन सिस्टम (TPS) से जापान में हुई थी और आज यह पूरी दुनिया की इंडस्ट्रीज़ में अपनाया जा रहा है – चाहे ऑटोमोबाइल हो, इलेक्ट्रॉनिक्स हो या सर्विस सेक्टर।
History of Lean Manufacturing
लीन मैन्युफैक्चरिंग की नींव 20वीं सदी की शुरुआत में अमेरिका में हेनरी फोर्ड (Henry Ford) द्वारा रखी गई। उन्होंने मास प्रोडक्शन (Mass Production) की अवधारणा को अपनाया और असेम्बली लाइन (Assembly Line) का विकास किया।फोर्ड की उत्पादन प्रणाली ने वेस्ट को कम किया और उत्पादन की गति को तेज किया।हालांकि यह प्रणाली लचीली नहीं थी — यह एक ही प्रकार के उत्पाद को बड़ी मात्रा में बनाने के लिए उपयुक्त थी।
लीन मैन्युफैक्चरिंग की असली शुरुआत जापान की कंपनी Toyota ने की, खासकर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद। Taiichi Ohno और Eiji Toyoda ने फोर्ड की प्रणाली से प्रेरणा ली और उसे और बेहतर बनाकर Toyota Production System (TPS) तैयार किया।
TPS का मुख्य उद्देश्य था:
- Muda (वेस्ट) को हटाना
- JIT (Just-in-Time) उत्पादन
- Kaizen (निरंतर सुधार)
1990 में, James P. Womack, Daniel T. Jones और Daniel Roos ने अपनी प्रसिद्ध किताब “The Machine That Changed the World” में पहली बार “Lean Production” शब्द का उपयोग किया।
Principles of Lean Manufacturing
- Value
लीन मैन्युफैक्चरिंग में सबसे पहला सिद्धांत यह है कि किसी उत्पाद या सेवा में केवल वही चीज़ें होनी चाहिए जो ग्राहक के लिए उपयोगी और महत्वपूर्ण हों। वह सब कुछ जो ग्राहक के नजरिए से जरूरी नहीं है, वह “वेस्ट” है।
2. Value Stream
इसका मतलब है पूरे उत्पादन या सेवा प्रक्रिया का विश्लेषण करना और यह पहचानना कि कौन-कौन सी गतिविधियाँ मूल्य जोड़ रही हैं? कौन-कौन सी गतिविधियाँ केवल समय, पैसा और संसाधनों की बर्बादी कर रही हैं?
3. Flow
जब मूल्यवान प्रक्रियाओं की पहचान हो जाए, तो यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उत्पादन में कोई रुकावट न आए। हर स्टेप को इस तरह जोड़ा जाए कि काम लगातार और बिना रुकावट के आगे बढ़े।
4. Pull System
Pull सिस्टम का मतलब है कि ग्राहक की मांग के अनुसार ही उत्पादन हो।इसका उल्टा Push सिस्टम होता है, जिसमें अनुमान के आधार पर उत्पादन किया जाता है।
5. Perfection
लीन का अंतिम और सबसे जरूरी सिद्धांत है Kaizen, यानी लगातार छोटे-छोटे सुधार करना।
Lean Manufacturing Tools & Technique
5S System
5s एक Workplace management tool है जिसका उद्देश्य कार्यस्थल को स्वच्छ, व्यवस्थित और कुशल बनाना है 5s के 5 स्टेप्स होते हैं
1. Seiri (Short – छँटाई)
इसमें जरूरी और गैर जरूरी items को अलग किया जाता हैजिन वास्तुओं की हमें जरुरत है उनको रख लिया जाता है और जिनको जरुरत नहीं है उनको हटा दिया जाता है जाता है
2. Seiton (Set in Order – व्यवस्थित करना)
Set in Order का मतलब है कि हर एक चीज को उसकी तय जगह पर रखना हर एक चीज के स्थान को identify करना
3. Seiso (Shine -सफाई करना)
5S में Shine का मतलब है कि अपने आस-पास के क्षेत्र को साफ रखना मशीन और अपने कार्यस्थल को साफ रखना है इस से कार्यस्थल का माहौल अच्छा बनना रहता है
4. Seiketsu (Standardization – मानकीकरण करना)
5s के इस टूल में पहले के 3s को सुनीश्चित कर लिया जाता है और एक नियम बना दिया जाता है जिस से ये Regular होता रहता है और पहले 3s को करने की आदत बन जाती है
इसमें हम कलर कोडिंग कर सकते हैं, जिस से पहचान ने में आसान हो साइन बोर्ड के द्वारा, विजुअल मैनेजमेंट कर सकते हैं, हर टूल या फाइल की लेबलिंग कर सकते हैं।
5. Shitsuke (Self Discipline – स्व अनुशासन)
elf Discipline का मतलब है जो 5S के पहले चार स्टेप (छाँटना, व्यवस्थित करना, सफाई करना और मानकीकरण करना) सीखे हैं, उन्हें लगातार और ईमानदारी से निभाना, और इसे एक आदत (habit) बना लेना।
Kaizen
Kaizen एक जापानी शब्द है, दो शब्दों से मिलकर बना है Kai + Zen. जिसमें Kai का मतलब है बदलाव(Change) और Zen का मतलब बेहतर(Better) है यानि Kaizen का मतलब है “बेहतर बदलाव” या “सतत सुधार” (Continuous Improvement)। Kaizen एक मैनेजमेंट और प्रोडक्शन तकनीक है जो Lean Manufacturing और Quality Management का अहम हिस्सा है। इसमें छोटे-छोटे बदलाव करके किसी प्रक्रिया (Process), प्रोडक्ट (Product) या कार्यप्रणाली (Work Method) को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाता है।
Just in Time
Just In Time को हिंदी में समय पर प्रोडक्शन कहा जाता है यह प्रोडक्शन एंड इन्वेंट्री कंट्रोल सिस्टम है जिसका उद्देश्या सही समय पर सही मात्रा में सही जगह पर प्रोडक्ट उपलबध हो। JIT की शुरुआत जापान में हुई। 1950 के दशक में Toyota Motor Corporation के प्रोडक्शन इंजीनियर Taiichi Ohno (ताईची ओहनो) को JIT का जनक (Father of JIT) माना जाता है। इस सिस्टम को Toyota Production System (TPS) का हिस्सा बनाया गया।
Poka -Yoke
Poke-Yoke लीन मैन्युफैक्चरिंग का एक महत्वपूर्ण Quality Control Tool है, Poke -Yoke दो जापानी शब्दों से मिलकर बना है, Poke का मतलब है Mistake, Yoke का मतलब है प्रूफिंग यानि Poke-Yoke का मतलब है मिस्टेक प्रूफिंग, गलती से भी गलती ना हो। 1960 में Shigeo Shingo (शिगेओ शिंगो) ने Toyota Production System में Poka Yoke को विकसित किया। इसे पहले “Fool Proofing” कहा जाता था, लेकिन बाद में “Mistake Proofing” नाम दिया गया ताकि यह अधिक सकारात्मक लगे। Poka Yoke गलती की संभावना को खत्म करता है और काम को आसान व सुरक्षित बनाता है।
Types Of Poke – Yoke :
Prevention Type – गलती होने से पहले रोक देता है।
Detection Type – गलती होने पर तुरंत पता चल जाता है।
SMED – Single Minute Exchange Of Die
यह Lean Manufacturing Tool है, जिसे उत्पादन (Production) में Setup Time को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। SMED को 1950–60 के दशक में Shigeo Shingo (शिगेओ शिंगो) ने Toyota Production System के अंतर्गत विकसित किया। उस समय मशीनों का Changeover Time कई घंटे तक होता था, जिसके कारण Production Slow और Costly था। Shingo ने इस समस्या का समाधान खोजा और SMED Concept सामने लाए।
SMED Steps
- Internal और External Activities की पहचान करें
- Internal Activities – जो सिर्फ Machine बंद होने पर किए जा सकते हैं।
- External Activities – जो Machine चलते समय भी किए जा सकते हैं।
- Internal को External में बदलें – कोशिश करें कि अधिकतर काम Machine चलते-चलते हो जाए। जैसे Tools को पहले से तैयार रखना।
- Setup Process को सरल बनाना – Special Tools या Quick Fasteners का इस्तेमाल करना।
- Continuous Improvement – Time Study करके Regular Monitoring करना।Kaizen (Continuous Improvement) के द्वारा Setup Time और घटाना।
Kanban System
Kanban शब्द जापानी भाषा से लिया गया है, जिसका मतलब है –
“Visual Card” या “Signboard”.
Kanban System एक ऐसा तरीका है जिसमें Cards, Boards, Digital Display या Signal का इस्तेमाल करके Production और Inventory Control किया जाता है। यह System बताता है कि –किस Material की ज़रूरत है,कितनी Quantity चाहिए और कब चाहिए।
Kanban System के प्रकार –
- Production Kanban – यह Card बताता है कि कितना और क्या Production करना है।
- Withdrawal Kanban – यह Card बताता है कि कितना Material एक Process से दूसरे Process में ले जाना है।
- Signal Kanban – जब Stock एक Minimum Level पर आ जाए तो यह Signal देता है।
- Supplier Kanban – Supplier को बताने के लिए कि कौन सा Material कब और कितनी Quantity में Deliver करना है।
- Emergency Kanban – जब Urgent Requirement हो तो इस्तेमाल किया जाता है।
Heijunka (Production Leveling)
Heijunka क्या है?
Heijunka एक जापानी शब्द है, जिसका मतलब है Leveling या Production Smoothing
Heijunka का मकसद है – Customer की Demand के अनुसार Production को Level करना ताकि Demand Fluctuation का असर Manufacturing पर न पड़े। इसका सिद्धांत है हर दिन, हर प्रोडक्ट को थोड़ा-थोड़ा बनाओ। Demand में बदलाव को Balance करके Production को Stable बनाओ।
Jidoka (Autonomation)
Jidoka एक ऐसा Lean Tool है जो Quality को Process के भीतर ही सुनिश्चित करता है। इसे “Automation with Human Touch” भी कहा जाता है। Jidoka एक जापानी शब्द है, जिसका मतलब है Automation with Intelligence या Autonomation। अगर कोई Problem या Defect हो, तो Machine या Operator तुरंत Process रोक दे। Problem को ठीक करके ही आगे Production जारी किया जाए। यानी Jidoka Production Line को Quality First पर चलने के लिए मजबूर करता है।
Jidoka Process के 4 मुख्य Step हैं –
- Problem या Abnormality का Detection – Sensor, Alarm या Operator किसी भी Problem को पहचानता है।
- Process को तुरंत रोकना – जैसे ही Problem आती है, Machine खुद रुक जाती है या Operator Line Stop कर देता है। इससे Defect आगे नहीं बढ़ता।
- Immediate Correction (तुरंत सुधार) – Problem को तुरंत ठीक किया जाता है ताकि Defect खत्म हो।
- Root Cause Analysis और Permanent Solution – 5 Why’s” और Fishbone Diagram जैसी Techniques से Root Cause निकाला जाता है। Future में वही Problem दोबारा न हो इसके लिए Permanent सुधार किया जाता है।
Takt Time
Takt शब्द जर्मन भाषा से लिया गया है, जिसका मतलब है – Rhythm या Beat (ताल/लय)। Manufacturing में, Takt Time = Customer Demand के हिसाब से Production की गति। Takt Time बताता है कि एक Product कितने समय में बनना चाहिए ताकि Customer की Demand समय पर पूरी हो सके।
Takt Time का सूत्र (Formula)
- Available Production Time = Shift का Total समय – Breaks, Maintenance, Lunch आदि का समय
- Customer Demand = एक निश्चित समय में जितने Product की Demand है
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