2025 में ईपीएफओ के नए नियम
पुराने ईपीएफओ नियमों के अनुसार, कर्मचारी तीन बार से ज़्यादा पैसा नहीं निकाल सकते: शादी, शिक्षा, आपदा और बीमारी के लिए। पहले, कारण बताना पड़ता था, लेकिन फिर भी ईपीएफओ आवेदन खारिज कर दिए जाते थे। लेकिन नए नियमों के मुताबिक, आप अपने पीएफ खाते से 75% पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन 25% अपने खाते में रखना होगा, जिसे आप 12 महीने बाद निकाल सकते हैं। जब तक आपके खाते में 25% राशि रहेगी
सरकार इस राशि पर 8.25% चक्रवृद्धि ब्याज देती रहेगी। नए नियम की खास बात यह है कि आप अपना पैसा UPI या ATM के ज़रिए निकाल सकते हैं, लेकिन इसके लिए उचित KYC की ज़रूरत होगी; आपको एक बार KYC करवानी होगी और सब कुछ सेट। सरकार ने शादी या विवाह के लिए पैसे निकाल की सीमा तीन से बढ़ाकर 10 बार कर दी है
EPFO क्या है, पहली बार कब आया और इससे क्या फायदा है ?
EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) :
यह एक सरकारी संस्था है जो निजी क्षेत्र (Private Sector) में काम करने वाले कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।
इसकी स्थापना 1952 में की गई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य कॉर्पोरेट कर्मचारियों के जीवन की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
EPFO के अंतर्गत दो प्रमुख योजनाएँ आती हैं —
- EPF (Employees’ Provident Fund)
- EDLI (Employees’ Deposit Linked Insurance)
1. EPF (Employees’ Provident Fund)
EPF का पूरा नाम Employees’ Provident Fund है।
यह कर्मचारियों की रिटायरमेंट (सेवानिवृत्ति) के लिए एक बचत योजना है।
इसमें कुल 24% राशि जमा होती है —
- 12% कर्मचारी के वेतन से
- 12% नियोक्ता (Employer) की ओर से
इस राशि में से कुछ हिस्सा EPF, EDLI, और ESIC में जाता है।
कर्मचारी का 12% हिस्सा सीधे PF में जाता है,
जबकि नियोक्ता के 12% हिस्से में से कुछ प्रतिशत EPF, EDLI आदि में बाँटा जाता है।
EPF की राशि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी को मिलती है।
अगर किसी मेडिकल, शादी या अन्य आपात स्थिति में आवश्यकता हो, तो कर्मचारी अपने EPF का 75% तक निकाल सकता है।
EPF में जमा राशि पर सरकार द्वारा ब्याज दिया जाता है, जो हर साल बदलता रहता है।
2. EDLI (Employees’ Deposit Linked Insurance)
EDLI का पूरा नाम Employees’ Deposit Linked Insurance है।
यह योजना 1976 में शुरू की गई थी।
यह योजना उन कर्मचारियों के परिवार के लिए है जो निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं।
यदि किसी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को वित्तीय सहायता (बीमा राशि) दी जाती है,
जो वर्तमान में लगभग ₹7 लाख तक होती है (यह राशि सरकार समय-समय पर बदल सकती है)।
इस योजना में विशेष बात यह है कि इसमें कर्मचारी के वेतन से कोई राशि नहीं कटती।
पूरा योगदान नियोक्ता (Employer) द्वारा दिया जाता है, जो उसकी 12% PF जमा राशि में से लगभग 0.5% होता है।
EDLI भी EPFO के अंतर्गत आती है।
EPF और EDLI में जमा की गई राशि PF फंड में जाती है।
योजना सारणी
| योजना | पूरा नाम | काम |
|---|---|---|
| EPF | Employees’ Provident Fund | कर्मचारी की रिटायरमेंट के लिए बचत योजना |
| EDLI | Employees’ Deposit Linked Insurance Scheme | कर्मचारी की मृत्यु पर परिवार को बीमा राशि देना |
ESIC क्या है और इसका क्या लाभ है?
ESIC (Employees’ State Insurance Corporation)
यह भारत सरकार के श्रम मंत्रालय (Ministry of Labour) के अंतर्गत आने वाली एक अलग संस्था है।
यह कानून पहली बार 1948 में लाया गया, और 1952 (24 फरवरी) को कानपुर और दिल्ली में इसकी शुरुआत हुई।
इसके बाद इसे पूरे भारत में लागू किया गया।
ESIC एक मेडिकल सुविधा योजना है जो कॉर्पोरेट कर्मचारियों और उनके परिवार को कवर करती है।
इसमें फंड का योगदान इस प्रकार होता है —
- कर्मचारी: 0.75%
- नियोक्ता: 3.25%
यदि किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है, तो उसे 91 दिनों तक 75% वेतन ESIC के माध्यम से मिलता है।
ESIC के प्रमुख लाभ
- मेडिकल सुविधा (Medical Benefits)
- कर्मचारी और उसका परिवार (पति/पत्नी, बच्चे, माता-पिता) को मुफ्त या सस्ती चिकित्सा सुविधा मिलती है।
- इसमें डॉक्टर की फीस, दवाइयाँ, अस्पताल भर्ती, सर्जरी आदि शामिल हैं।
- ESI अस्पतालों या डिस्पेंसरी में कैशलेस इलाज उपलब्ध है।
- बीमारी लाभ (Sickness Benefit)
- बीमारी के कारण काम पर न जा पाने पर वेतन का 70% नकद मिलता है।
- यह लाभ 91 दिनों तक एक वर्ष में दिया जाता है।
- मातृत्व लाभ (Maternity Benefit)
- महिला कर्मचारी को 26 हफ्तों तक वेतन सहित छुट्टी और नकद लाभ मिलता है।
- इसमें प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर दोनों समय का लाभ शामिल है।
- अपंगता/मृत्यु लाभ (Disablement/Death Benefit)
- काम के दौरान दुर्घटना में अपंग होने पर आजीवन पेंशन दी जाती है।
- मृत्यु की स्थिति में परिवार को पेंशन (Dependents Benefit) मिलती है।
- बेरोज़गारी लाभ (Unemployment Benefit)
- नौकरी जाने की स्थिति में वेतन और मेडिकल सुविधा कुछ समय तक मिलती रहती है।
- परिवार को भी लाभ (Family Coverage)
- परिवार के सदस्य जैसे पत्नी, बच्चे और माता-पिता भी ESI कार्ड से इलाज करवा सकते हैं।
EPF, EDLI और ESIC में तुलना
| बिंदु | EPF | EDLI | ESIC |
|---|---|---|---|
| पूरा नाम | Employees’ Provident Fund | Employees’ Deposit Linked Insurance | Employees’ State Insurance Corporation |
| लागू वर्ष | 1952 | 1976 | 1948 |
| मुख्य उद्देश्य | रिटायरमेंट सेविंग | मृत्यु पर बीमा सहायता | मेडिकल व सामाजिक सुरक्षा |
| योगदान कौन करता है | कर्मचारी + नियोक्ता | नियोक्ता | कर्मचारी + नियोक्ता |
| कर्मचारी से कटौती | 12% | नहीं | 0.75% |
| नियोक्ता से योगदान | 12% (कुछ हिस्सा EDLI में) | लगभग 0.5% | 3.25% |
| लाभार्थी | कर्मचारी | परिवार (मृत्यु पर) | कर्मचारी और परिवार |
| प्रबंधन संस्था | EPFO | EPFO | ESIC |
| मुख्य लाभ | बचत + ब्याज | मृत्यु पर बीमा | इलाज, बीमारी, मातृत्व, दुर्घटना भत्ता |
Short Questions about EPF / EPFO (संक्षिप्त प्रश्न)
- EPF क्या है?
- EPFO की स्थापना कब हुई?
- EPF Act किस वर्ष लागू हुआ?
- EPFO किस मंत्रालय के अंतर्गत आता है?
- EPF का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- EPF में कर्मचारी और नियोक्ता का योगदान कितना होता है?
- EPF में ब्याज दर कौन तय करता है?
- EPF खाते में ब्याज कब जोड़ा जाता है?
- EPF की राशि कब निकाली जा सकती है?
- EPF से जुड़ी तीन मुख्य योजनाएँ कौन-सी हैं?
- EDLI स्कीम क्या है और कब शुरू हुई?
- EPS (Employee Pension Scheme) कब शुरू हुई?
- UAN (Universal Account Number) क्या है और कब लागू हुआ?
- EPF का पैसा कहाँ निवेश किया जाता है?
- EPF की निकासी टैक्स फ्री होती है या नहीं?
- EPFO वेबसाइट और UMANG ऐप का क्या उपयोग है?
- EPF खाते का बैलेंस कैसे चेक किया जा सकता है?
- PF ट्रांसफर कब और कैसे किया जा सकता है?
- EPF में ब्याज दर वर्ष 2024–25 के लिए कितनी है?
- EPF के लाभ क्या हैं?
- EPF की सीमाएँ या नुकसान क्या हैं?
- किन कंपनियों के लिए EPF अनिवार्य है?
- कर्मचारी को EPF में कब शामिल किया जाता है?
- EPFO का मुख्यालय कहाँ है?
- EPFO का पूरा नाम क्या है?
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