What is ECM (Electrochemical Machining) & It’s Applications

Electrochemical Machining (ECM) एक उन्नत गैर-पारंपरिक (Non-Traditional) मैन्युफैक्चरिंग तकनीक है, जिसमें मटेरियल को हटाने के लिए इलेक्ट्रो-केमिकल रिएक्शन का उपयोग किया जाता है। इसमें टूल वर्कपीस को छूता नहीं, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट के अंदर एनोड (वर्कपीस) से धातु घुलकर हटती है। ECM को अक्सर Reverse Electroplating भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें metal deposition नहीं बल्कि metal removal होता है। ECM उन जगहों पर उपयोग होती है जहाँ उच्च सटीकता, जटिल आकार, Burr free फिनिश और कठोर धातुओं की मशीनीकरण की जरूरत होती है।

ECM क्या है? (What is ECM?)

ECM एक ऐसी मशीनीकरण तकनीक है जहाँ वर्कपीस (एनोड) से material इलेक्ट्रोलाइट और बिजली के प्रवाह की वजह से घुलकर हटाया जाता है। इस प्रक्रिया में Faraday’s Law of Electrolysis लागू होता है। ECM में tool (Cathode) और workpiece (Anode) को conductive electrolyte solution में डुबोकर DC current पास किया जाता है।
इसके परिणामस्वरूप वर्कपीस की सतह से मटेरियल आयनिक रूप में घुलकर बाहर निकल जाता है।

  • इसमें कोई spark नहीं होता
  • कोई heat-affected zone (HAZ) नहीं होता
  • कोई mechanical stress नहीं होता
  • कोई tool wear नहीं होता

Working Principle of ECM

Electro Chemical Machining का कार्य सिद्धांत फैराडे के इलेक्ट्रोलिसिस के सिद्धांत पर आधारित है। जब किसी चालक द्रव (Electrolyte) के माध्यम से डीसी (Direct Current) करंट प्रवाहित किया जाता है, तो एनोड पर धातु के परमाणु इलेक्ट्रॉनों को खोकर धात्विक आयन बन जाते हैं और इलेक्ट्रोलाइट में घुल जाते हैं। ECM में वर्कपीस को एनोड के रूप में जोड़ा जाता है और टूल को कैथोड के रूप में। जब दोनों के बीच इलेक्ट्रोलाइट प्रवाहित किया जाता है और करंट चालू किया जाता है, तो वर्कपीस की सतह पर मौजूद धातु के परमाणु धीरे-धीरे घुलने लगते हैं, जिससे वर्कपीस से सामग्री हट जाती है। यह पूरी प्रक्रिया नियंत्रित रूप से की जाती है ताकि वर्कपीस पर टूल के समान आकार का गड्ढा या प्रोफ़ाइल बन सके। इस तरह धातु को बिना किसी यांत्रिक बल के केवल रासायनिक और विद्युत क्रिया के माध्यम से हटाया जाता ह

Material Removal Chemical Reaction:
Metal → Metal Ions + Electrons

ECM का पूरा process थर्मल या mechanical नहीं है, बल्कि purely chemical dissolution है।

Main Components)

1. Power Supply

Electro Chemical Machining में पावर सप्लाई यूनिट सबसे महत्वपूर्ण घटक होता है, क्योंकि यही पूरी मशीनिंग प्रक्रिया को संचालित करता है। ECM में प्रत्यक्ष धारा (Direct Current – DC) का उपयोग किया जाता है, जिसका वोल्टेज सामान्यतः 5 से 25 वोल्ट के बीच और करंट 1000 से 40000 एम्पीयर तक होता है। यह पावर सप्लाई वर्कपीस (Anode) और टूल (Cathode) के बीच करंट प्रवाहित करती है, जिससे इलेक्ट्रोलाइट में इलेक्ट्रोकेमिकल प्रतिक्रिया शुरू होती है। ECM में उच्च करंट की आवश्यकता इसलिए होती है क्योंकि मटेरियल हटाने की दर (Material Removal Rate) सीधे करंट पर निर्भर करती है। पावर सप्लाई यूनिट में करंट और वोल्टेज को नियंत्रित करने के लिए रेगुलेटर और सुरक्षा उपकरण लगाए जाते हैं ताकि प्रक्रिया स्थिर और सुरक्षित रहे।

2. Tool (टूल या कैथोड)

ECM में टूल को कैथोड (Negative Electrode) के रूप में जोड़ा जाता है और इसका आकार उसी आकृति का होता है जो वर्कपीस पर बनानी होती है। उदाहरण के लिए, यदि वर्कपीस पर कोई छेद या प्रोफ़ाइल बनानी है, तो टूल का आकार उसी के अनुरूप होगा। टूल हमेशा एक चालक धातु से बनाया जाता है, जैसे कि कॉपर, ब्रास, स्टेनलेस स्टील या टंगस्टन, क्योंकि इसे करंट को आसानी से प्रवाहित करना होता है। चूंकि ECM में टूल और वर्कपीस के बीच कोई प्रत्यक्ष संपर्क नहीं होता, इसलिए टूल पर कोई घिसाव (Wear) नहीं होता, जो इस प्रक्रिया का एक बड़ा लाभ है। टूल को विशेष नोज़ल या चैनलों से डिजाइन किया जाता है ताकि इलेक्ट्रोलाइट का प्रवाह समान रूप से वर्कपीस की सतह पर हो सके और सामग्री समान रूप से हटे।

3. Workpiece (वर्कपीस या एनोड

वर्कपीस ECM प्रक्रिया का वह हिस्सा है जिस पर मशीनिंग की जाती है और इसे एनोड (Positive Electrode) के रूप में जोड़ा जाता है। वर्कपीस सामान्यतः कोई चालक धातु होती है, जैसे टाइटेनियम, स्टेनलेस स्टील, इनकोनेल, टंगस्टन या अन्य हार्ड अलॉय। वर्कपीस को मशीन टेबल पर मजबूती से क्लैम्प किया जाता है ताकि प्रक्रिया के दौरान वह हिले नहीं। जब करंट प्रवाहित किया जाता है, तो वर्कपीस की सतह के परमाणु ऑक्सीकरण होकर धात्विक आयनों में परिवर्तित हो जाते हैं, जो इलेक्ट्रोलाइट में घुल जाते हैं। इस प्रकार वर्कपीस से धीरे-धीरे सामग्री हटती जाती है। ECM में वर्कपीस पर कोई यांत्रिक तनाव नहीं पड़ता, जिससे उसकी सतह पर कोई विकृति या थर्मल प्रभाव नहीं होता। परिणामस्वरूप वर्कपीस की सतह बहुत चिकनी और उच्च सटीकता वाली बनती है।

4. Electrolyte System (इलेक्ट्रोलाइट प्रणाली)

    ECM का एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है क्योंकि यही करंट प्रवाहित करने और धातु आयनों को बहाकर ले जाने का माध्यम होता है। इलेक्ट्रोलाइट आमतौर पर सोडियम क्लोराइड (NaCl), सोडियम नाइट्रेट (NaNO₃) या कभी-कभी सल्फेट (Na₂SO₄) के जल घोल के रूप में उपयोग किया जाता है। इलेक्ट्रोलाइट को उच्च दाब (लगभग 10–20 बार) पर टूल और वर्कपीस के बीच पंप किया जाता है ताकि यह गैप को भर सके और निरंतर रासायनिक अभिक्रिया हो सके। इसका कार्य न केवल विद्युत चालकता प्रदान करना है, बल्कि मशीनिंग के दौरान उत्पन्न होने वाले गैस बुलबुले, धातु के कण (Metal Sludge) और गर्मी को भी हटाना है। यदि इलेक्ट्रोलाइट का प्रवाह समान रूप से नहीं होता, तो मशीनिंग असमान हो सकती है, इसलिए इसका प्रवाह नियंत्रित और संतुलित होना बहुत आवश्यक है।

    5. Pump and Filter Unit (पंप और फ़िल्टर यूनिट)

    ECM में पंप और फ़िल्टर यूनिट इलेक्ट्रोलाइट को सही दाब और गति से वर्किंग एरिया तक पहुँचाने का कार्य करती है। पंप इलेक्ट्रोलाइट को टैंक से खींचकर टूल और वर्कपीस के बीच के गैप में भेजता है, जबकि फ़िल्टर यूनिट उस इलेक्ट्रोलाइट को साफ रखती है। जब वर्कपीस से धातु आयनों के रूप में पदार्थ हटता है, तो वह इलेक्ट्रोलाइट में मिल जाता है और यदि इन्हें बाहर नहीं निकाला गया तो मशीनिंग की सटीकता कम हो जाएगी। फ़िल्टर इन्हीं धात्विक कणों (Metal Particles) और अशुद्धियों (Impurities) को हटाकर इलेक्ट्रोलाइट को पुनः स्वच्छ बनाता है ताकि उसे दोबारा उपयोग किया जा सके। पंप और फ़िल्टर का सुचारू संचालन ECM की कार्यकुशलता और सतह की गुणवत्ता पर सीधा प्रभाव डालता है।

    6. Feed Mechanism (फीड प्रणाली)

    Feed Mechanism ECM में टूल को नियंत्रित रूप से वर्कपीस की ओर बढ़ाने का कार्य करता है। यह गति बहुत धीमी और स्थिर रखी जाती है, ताकि इंटर-इलेक्ट्रोड गैप (IEG) स्थिर बना रहे। सामान्यतः फीड रेट 0.1 से 0.5 मिलीमीटर प्रति सेकंड होता है। यदि टूल बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा तो शॉर्ट सर्किट हो सकता है, और यदि बहुत धीमा चलेगा तो मटेरियल रिमूवल रेट (MRR) घट जाएगा। फीड सिस्टम को प्रायः ऑटोमैटिक कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा जाता है, जो मशीनिंग करंट और गैप के अनुसार टूल की गति को स्वचालित रूप से नियंत्रित करता है। इस प्रणाली की सटीकता से ही मशीनिंग की सटीकता निर्धारित होती है।

    7. Control Panel (नियंत्रण पैनल)

    Control Panel ECM मशीन का दिमाग कहा जा सकता है। इसमें पूरी प्रक्रिया के सभी प्रमुख पैरामीटर जैसे करंट, वोल्टेज, इलेक्ट्रोलाइट फ्लो रेट, फीड रेट, और तापमान को नियंत्रित किया जाता है। कंट्रोल पैनल में विभिन्न मीटर, सेंसर, स्विच और इंडिकेटर लगे होते हैं, जो मशीनिंग के दौरान आवश्यक निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। आधुनिक ECM मशीनों में माइक्रोप्रोसेसर या कंप्यूटर कंट्रोल सिस्टम भी लगाए जाते हैं, जो स्वचालित रूप से पैरामीटर को समायोजित करते हैं ताकि अधिकतम सटीकता और उत्पादकता प्राप्त की जा सके। साथ ही, किसी भी असामान्य स्थिति जैसे अत्यधिक करंट या शॉर्ट सर्किट की स्थिति में यह सिस्टम स्वतः मशीन को बंद कर देता है, जिससे सुरक्षा बनी रहती है।

    ECM मशीन के सभी घटक एक-दूसरे के साथ समन्वय में कार्य करते हैं। पावर सप्लाई ऊर्जा प्रदान करती है, टूल और वर्कपीस इलेक्ट्रोकेमिकल प्रतिक्रिया में भाग लेते हैं, इलेक्ट्रोलाइट सिस्टम उस प्रतिक्रिया को संभव बनाता है, और पंप-फ़िल्टर तथा फीड मेकेनिज्म पूरे प्रोसेस को नियंत्रित रखते हैं। कंट्रोल पैनल पूरे सिस्टम की निगरानी करता है। इन सभी घटकों के उचित संयोजन से ECM एक अत्यंत सटीक, विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता वाली मशीनिंग प्रक्रिया बनती है।

    Electro Chemical Machining (ECM)

    • `कोई टूल वियर नहीं होता – ECM में टूल और वर्कपीस के बीच कोई प्रत्यक्ष संपर्क नहीं होता, इसलिए टूल का घिसाव (Tool Wear) बिल्कुल नगण्य होता है।
    • कठोर धातुओं की मशीनिंग संभव – यह प्रक्रिया अत्यधिक कठोर और उच्च गलनांक वाली धातुओं जैसे टंगस्टन, टाइटेनियम, इनकोनेल आदि की मशीनिंग के लिए बहुत उपयुक्त है।
    • उच्च सतह गुणवत्ता (Surface Finish) – ECM से प्राप्त सतह अत्यंत चिकनी और बरीक होती है क्योंकि इसमें कोई यांत्रिक कंपन या घर्षण नहीं होता।
    • कोई यांत्रिक तनाव नहीं पड़ता – चूंकि इसमें कटिंग फोर्स नहीं लगती, इसलिए वर्कपीस पर कोई यांत्रिक या थर्मल तनाव नहीं उत्पन्न होता।
    • जटिल आकृतियों की मशीनिंग संभव – ECM से जटिल (Complex) और सूक्ष्म (Intricate) आकार जैसे घुमावदार प्रोफाइल, नोज़ल या टर्बाइन ब्लेड आदि आसानी से बनाए जा सकते हैं।
    • टूल का आकार सटीक रूप से स्थानांतरित होता है – टूल का आकार लगभग वैसा ही वर्कपीस पर बनता है, जिससे उच्च सटीकता (Accuracy) प्राप्त होती है।
    • मटेरियल रिमूवल रेट (Material Removal Rate) स्थिर रहती है – क्योंकि यह प्रक्रिया करंट और इलेक्ट्रोलाइट प्रवाह पर निर्भर करती है, इसलिए MRR समान रूप से नियंत्रित रहती है।
    • थकान या विकृति नहीं होती – मशीनिंग के बाद वर्कपीस में कोई आंतरिक तनाव या विकृति नहीं होती, जिससे उसकी मजबूती बनी रहती है।

    प्रक्रिया पूर्णतः स्वच्छ और शांत होती है – ECM में चिप्स, बुर्र या कंपन नहीं होते, इसलिए यह प्रक्रिया साफ-सुथरी और शांत होती है।

    स्वचालन (Automation) में आसानी – ECM को कंप्यूटर नियंत्रित (CNC) सिस्टम से जोड़कर आसानी से ऑटोमेट किया जा सकता है, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ती है।

    Electro Chemical Machining (ECM) के अनुप्रयोग (Applications)

    • एयरोस्पेस उद्योग (Aerospace Industry) – टर्बाइन ब्लेड, नोज़ल, और जेट इंजन के सूक्ष्म पार्ट्स की मशीनिंग में ECM का व्यापक उपयोग होता है।
    • ऑटोमोबाइल उद्योग (Automobile Industry) – ECM का उपयोग गियर, इंजन वाल्व, पिस्टन क्राउन और फ्यूल इंजेक्शन पार्ट्स बनाने में किया जाता है।
    • मेडिकल उपकरण निर्माण (Medical Equipment Manufacturing) – सर्जिकल टूल्स और मेडिकल इम्प्लांट्स जैसे सूक्ष्म और जटिल आकार के उपकरण ECM से बनाए जाते हैं।
    • टूल और डाई निर्माण (Tool & Die Making) – ECM से डाई कैविटी, मोल्ड और स्टैम्पिंग टूल्स बनाए जाते हैं जिनमें उच्च सतह फिनिश और सटीकता की आवश्यकता होती है।
    • इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग (Electronics Industry) – ECM का प्रयोग माइक्रो-कंपोनेंट्स और प्रिसिजन पार्ट्स की मशीनिंग में भी किया जाता है।
    • डिफेंस और न्यूक्लियर क्षेत्र (Defence and Nuclear Sector) – ECM का उपयोग मिसाइल पार्ट्स, टरबाइन कैविटी और जटिल धातु भागों के निर्माण में किया जाता है।
    • जटिल आकारों की मशीनिंग (Complex Shape Machining) – ऐसी जगह जहाँ पर पारंपरिक कटिंग टूल नहीं पहुँच सकते, ECM से आसानी से सटीक प्रोफाइल बनाए जा सकते हैं।
    • हार्ड और टफ मटेरियल की मशीनिंग (Machining of Hard Materials) – टंगस्टन, इनकोनेल, टाइटेनियम जैसी कठोर धातुओं पर ECM से मशीनिंग करना आसान होता है।

    Electro Chemical Machining एक ऐसी उन्नत मशीनिंग तकनीक है जो विद्युत-रासायनिक क्रिया के माध्यम से बिना किसी यांत्रिक संपर्क के धातु को हटाती है। यह प्रक्रिया उन धातुओं के लिए आदर्श है जो कठोर, भंगुर या उच्च तापमान प्रतिरोधी होती हैं। ECM से प्राप्त सतह फिनिश उत्कृष्ट होती है और टूल वियर नगण्य होता है। हालांकि इसकी लागत और ऊर्जा खपत अधिक है, फिर भी आधुनिक उद्योगों में इसकी उपयोगिता लगातार बढ़ रही है क्योंकि यह उच्च सटीकता और जटिल आकार प्रदान करने में सक्षम है।

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