What is Surface Finish Process in Hindi

Surface Finish निर्माण उद्योग में एक महत्वपूर्ण चरण है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसी उत्पाद की सतह को चिकना, आकर्षक और टिकाऊ बनाना होता है। यह प्रक्रिया न केवल उत्पाद की बाहरी सुंदरता को निखारती है, बल्कि उसकी कार्यक्षमता और आयु को भी बढ़ाती है। सतह परिष्करण के माध्यम से उत्पाद संक्षारण (corrosion) से सुरक्षित रहता है, घिसाव प्रतिरोधी बनता है और उसे साफ करना आसान हो जाता है। यही कारण है कि इसका प्रयोग ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे उद्योगों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। सरल शब्दों में, यह प्रक्रिया काम की वस्तु को अंतिम आकार और गुणवत्ता देने का चरण है।

1. होनिंग (Honing)

होनिंग एक परिशुद्ध मशीनिंग प्रक्रिया है जिसका उपयोग बेलनाकार या गोलाकार वर्कपीस की सतह की गुणवत्ता और आयामी सटीकता में सुधार करने के लिए किया जाता है। इसमें बंधे हुए अपघर्षक पत्थरों का एक टूल वर्कपीस से बहुत कम मात्रा में सामग्री हटाता है। इस प्रक्रिया से सतह पर क्रॉस-हैच पैटर्न बनता है जो स्नेहन को बेहतर बनाता है और तेल को पकड़कर रखने में मदद करता है। होनिंग का उपयोग मुख्यतः इंजन सिलेंडर, हाइड्रोलिक सिलेंडर और बेयरिंग्स जैसे घटकों में किया जाता है। इससे छेदों में सही गोलाई, सीधापन और सतह की चिकनाई प्राप्त होती है, जो उत्पाद की परफॉर्मेंस और टिकाऊपन को बढ़ाती है। होनिंग मशीनों के प्रकार: क्षैतिज होनिंग मशीन, वर्टिकल होनिंग मशीन, मल्टी-स्पिंडल होनिंग मशीन, सिंगल-पास होनिंग मशीन, CNC होनिंग मशीन।

2. लैपिंग (Lapping)

लैपिंग एक उच्च परिशुद्धता वाली सतह परिष्करण प्रक्रिया है, जिसमें कठोर अपघर्षक कणों और स्नेहक के मिश्रण का उपयोग करके किसी वर्कपीस की सतह को बेहद चिकना और समतल बनाया जाता है। इस प्रक्रिया में लैपिंग टूल वर्कपीस की सतह पर रगड़ता है और बहुत पतली परत हटाता है। इसका उपयोग तब किया जाता है जब अत्यधिक समतलता और उच्च सतही फिनिश की आवश्यकता हो। ऑटोमोटिव, ऑप्टिक्स और एयरोस्पेस उद्योगों में लैपिंग का प्रयोग सीलिंग सतहों, गियर, प्रिसिजन पार्ट्स और ऑप्टिकल लेंस बनाने के लिए होता है। लैपिंग मशीनों के प्रकार: सिंगल-साइड लैपिंग मशीन, डबल-साइड लैपिंग मशीन, रोटरी टेबल लैपिंग मशीन, फिक्स्ड एब्रेसिव लैपिंग मशीन, फ्री एब्रेसिव लैपिंग मशीन।

3. ग्राइंडिंग (Grinding)

ग्राइंडिंग एक मशीनिंग प्रक्रिया है, जिसमें अपघर्षक पहियों या बेल्ट का उपयोग करके किसी धातु या अन्य सामग्री से बहुत कम मात्रा में सामग्री हटाई जाती है। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब किसी घटक में उच्च सतह फिनिश, सटीक आयाम और सख्त सहनशीलता चाहिए होती है। ग्राइंडिंग से वर्कपीस की सतह से खामियाँ और असमानताएँ दूर होती हैं तथा उसे आवश्यक आकार और प्रोफ़ाइल दी जाती है। ऑटोमोबाइल, टूल मैन्युफैक्चरिंग और मशीन पार्ट्स बनाने वाले उद्योग इस प्रक्रिया का व्यापक उपयोग करते हैं। ग्राइंडिंग मशीनों के प्रकार: सरफेस ग्राइंडर, बेलनाकार ग्राइंडर, सेंटरलेस ग्राइंडर, टूल और कटर ग्राइंडर, इंटरनल ग्राइंडर।

4. बफिंग (Buffing)

बफिंग एक फिनिशिंग प्रक्रिया है जिसमें अपघर्षक यौगिक और घूमने वाले पैड/व्हील का उपयोग करके सतह को चमकदार और परावर्तक बनाया जाता है। यह प्रक्रिया धातु, लकड़ी और प्लास्टिक पर व्यापक रूप से की जाती है ताकि उनकी सौंदर्यता और बाजार मूल्य बढ़ाया जा सके। आमतौर पर, बफिंग को पीसने या सैंडिंग के बाद अंतिम सतह परिष्करण के लिए किया जाता है। इससे खरोंच और अनियमितताएँ हटती हैं और सतह पर चमकदार फिनिश प्राप्त होती है। ज्वेलरी, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और फर्नीचर निर्माण में इसका प्रयोग अधिक होता है। बफिंग मशीनों के प्रकार: बेंचटॉप बफिंग मशीन, फ्लोर स्टैंडिंग बफिंग मशीन, हैंडहेल्ड बफिंग मशीन, रोटरी बफिंग मशीन, ऑर्बिटल बफिंग मशीन।

5. रीमिंग (Reaming)

रीमिंग एक परिशुद्ध मशीनिंग प्रक्रिया है, जिसमें ड्रिल किए गए छेद को सटीक आयाम और चिकनी सतह देने के लिए रीमर नामक उपकरण का उपयोग किया जाता है। इसमें छेद से बहुत कम मात्रा में सामग्री हटाई जाती है ताकि वह सटीक आकार और सतही फिनिश प्राप्त कर सके। रीमिंग का प्रयोग तब किया जाता है जब बोल्ट, पिन या अन्य पार्ट्स को सटीकता से फिट करना हो। यह प्रक्रिया ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस और मशीनिंग उद्योगों में बहुत प्रचलित है। रीमर के प्रकार: हैंड रीमर, मशीन रीमर, एडजस्टेबल रीमर, टेपर रीमर, शेल रीमर।

Surface Finishing की आवश्यकता क्यों होती है?

  • फ्रिक्शन (घर्षण) कम करने के लिए – स्मूद सतह मशीन के हिस्सों को आसानी से चलने देती है।
  • Corrosion Resistance बढ़ाने के लिए – पॉलिशिंग और कोटिंग सतह को जंग से बचाती है।
  • Wear Resistance सुधारने के लिए – घिसाई और टूट-फूट कम होती है।
  • Aesthetics के लिए – सतह चमकदार और आकर्षक बनती है।
  • Fatigue Strength बढ़ाने के लिए – छोटी खामियों को दूर करके material की मजबूती बढ़ाई जाती है।

Modern / Advanced Surface Finishing Processes

  • Electroplating – सतह पर धातु की परत चढ़ाई जाती है (जैसे Chromium, Nickel)।
  • Anodizing – Aluminum parts की surface को oxidation से मजबूत बनाना।
  • Laser Surface Finishing – High precision वाली finishing।
  • Magnetic Abrasive Finishing (MAF) – Magnetic field से controlled abrasion।
  • Nano-finishing – Nanotechnology से atomic level तक स्मूदनेस।

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